कैसे इसं देश ने बिना सम्पूर्ण लॉकडाउन के कोरोना पर किया काबू

19 मार्च को तुर्की में कोरोना वायरस का पहला केस आया था  लेकिन सिर्फ एक महीने के अन्दर यह तुर्की के 80 से ज्यादा प्रान्तों में फेल चूका था | हालत तो यह के चीन से भी ज्यादा खराब थे आशंकाओं के अनुसार तुर्की में कोरोना वायरस से मौते इटली को भी पीछे छोड़ने वाली मानी गयी थी | 3 से ज्यादा महीने गुजर गए परन्तु ऐसा कुछ हुआ ही नही | तुर्की में कोरोना वायरस के कारन अब तक 4 हजार से अधिक मौते दर्ज की गयी है | परन्तु जानकारों के दावे  के अनुसार यह   आंकड़ा काफी कम है और तुर्की सिर्फ उन्ही लोगो को गिन रहा है जिनकी मौत कोरोना पोजिटिव होते हुई है |

लेकिन यूनिवर्सिटी आफ़ केंट में वायरलॉजी के लेक्चरर डॉ. जेरेमी रॉसमैन के मुताबिक़ ‘तुर्की ने बर्बादी को टाल दिया है | बीबीसी से कहा, ‘तुर्की उन देशों में शामिल है जिसने बहुत जल्द प्रतिक्रिया दी ख़ासकर टेस्ट करने,  अलग करने और  रोकने के मामले में तुर्की उन देशों में शामिल है जोकोरोना वायरस की गति को प्रभावी तरीक़े से कम करने में कामयाब रहे हैं | 

जब कोरोना वायरस तेज गति के साथ फ़ैल रहा था तो तुर्की ने अधिकारियो पर कई प्रकार की रोक लगा दी थी | उन्होंने मस्जिद में सामूहिक नमाज और शोपिंग सेण्टर बंद करवा दिए थे | उन्होंने 65 वर्ष से अधिक और 20 से कम के नागरिको पर सम्पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया था |और मुख्य शहरो पर कर्फ्यू लगवा दिया था | कोरोना वायरस को रोकने के लिए पुरे तुर्की में 6 हजार से अधिक टीमो का गठन किया जा चूका है |

वहा के डॉक्टर्स का कहना है की कोरोना वायरस से निपटने का पूरा प्लान उन्होंने बहुत पहले ही बना लिया था जैसे ही पहला केस आया वो लोग अलमारी से फाइल निकाली और कम पर लग गये और डॉक्टर एक app का उपयोग करते है | 

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